महरौली, दिल्लीः बीसँवी शताब्दी के प्रारम्भ में, एक अँग्रेज़ी विचारक श्री मेटलाफ़ अकेला रह कर सोचने विचारने की जगह खोज रहे थे. महरौली में जमाली कमाली मस्जिद के सामने उन्होंने यह छतरी इस तरह बनवायी कि यह बाकी खँडहरों से घुल मिल जाये. इसे लोग "मेटकाफ़ के पागलपन" के नाम से जानते हैं.
करीब चालिस साल पहले, कुतुब मीनार पर स्कूल के साथ पिकनिक पर आये थे, तो भीड़ के पीछे पीछे हम भी चल दिये थे और इसी पहाड़ी पर एक हिंदी फिल्म "गौरी" के एक गीत की शूटिंग में यहाँ अभिनेता सुनील दत्त और मुमताज़ को देखा था.
Mehrauli, Delhi: In early twenthieth century, an Englishman, Mr. Metcalf made this structure in front of Jaamali Kaamali mosque. He would come here to be alone.
Mehrauli, Delhi: All'inizio del ventesimo secolo, questa struttura fu costruita per un inglese, sig. Melcalf, il quale veniva qui per restare solo con i suoi pensieri.
संजय ने मेरे कैमरे के बारे में पूछा है. मेरा कैमरा कोडक का ईज़ीशेयर 7490 है. इससे पहले मेरे पास कोडक का ही 6490 था जिसे मैंने 2005 में एक्वाडोर यात्रा में खो दिया था. मुझे इसका 10x ओपटिकल zoom लैंस बहुत अच्छा लगा था इसीलिए इसे खरीदा था, और खोने के बाद वैसा ही खरीदना चाहा. यह बहुत छोटा भी नहीं है, यह बात भी मुझे अच्छी लगती है क्योंकि मुझे लगता है बहुत छोटे कैमरे अधिक आसानी से हिल जाते हैं.
इधर कुछ समय से नया SLR कैमरा खरीदने की सोच रहा हूँ पर अभी फैसला नहीं किया कि कौन सा लिया जाये!